पूषा (सूर्य)

Disamb2.jpg पूषा एक बहुविकल्पी शब्द है अन्य अर्थों के लिए देखें:- पूषा (बहुविकल्पी)

पूषा का उल्लेख हिन्दू पौराणिक ग्रंथ महाभारत में हुआ है, महाभारत के अनुसार यह भगवान सूर्य का एक अन्य नाम है।[1]

  • वैदिक और पौराणिक आख्यानों के अनुसार भगवान सूर्य समस्त जीव-जगत के आत्मस्वरूप हैं।
  • ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार सूर्य देवता को परमात्मा स्वरूप माना जाता है।
सूर्य के भिन्न नाम
नाम नाम नाम
सूर्य अर्यमा भग
त्वष्टा पूषा अर्क
सविता रवि गभस्तिमान
अज काल मृत्यु
धाता प्रभाकर पृथ्वी
आप तेज आकाश
वायु परायण सोम
बृहस्पति शुक्र बुध
अंगारक इन्द्र विवस्वान
दीप्तांशु शुचि शौरि
शनैश्चर ब्रह्मा विष्णु
रुद्र स्कन्द वरुण
यम वैद्युताग्रि जाठराग्नि
ऐन्धनाग्नि तेजपति धर्मध्वज
वेदकर्ता वेदांग वेदवाहन
कृत त्रेता द्वापर
सर्वमलाश्रय कलि कला काष्ठा मुहर्तरूप समय क्षपा
याम क्षण संवत्सरकर
अश्वत्थ कालचक्र प्रवर्तक विभावसु शाश्वत पुरुष
योगी व्यक्ताव्यक्त सनातन
कालाध्यक्ष प्रजाध्यक्ष विश्वकर्मा
तमोनुद वरुण सागर
अंशु जीमूत जीवन
अरिहा भूताश्रय भूतपति
सर्वलोकनमस्कृत स्त्रष्टा संवर्तक
वह्नि सर्वादि अलोलुप
अनन्त कपिल भानु
कामद सर्वतोमुख जय
विशाल वरद सर्वधातु निषेचिता
मनःसुपर्ण भूतादि शीघ्रग
प्राणधारक धन्वन्तरि धूमकेतु
आदिदेव अदितिसुत द्वादशात्मा
अरविन्दाक्ष पिता-माता-पितामह स्वर्गद्वार-प्रजाद्वार
मोक्षद्वारत्रिविष्टप देहकर्ता प्रशान्तात्मा
विश्वात्मा विश्वतोमुख चराचरात्मा
सूक्ष्मात्मा मैत्रेय करुणान्वित
अंशुमाली वृषाकपि मिहिर
पुषा मित्र धर्म
सहस्त्ररश्मि आदित्य तपन
गवाम्पति दिनकृत दिवाकर
सप्तसप्ति धामकेशी विरोचन
आशुगामी तमोघ्न हरिताश्व
गवाम्पति दिनकृत -

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. महाभारत वन पर्व अध्याय 3 श्लोक 1-28

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