गोधामुखकुण्ड

गोधामुखकुण्ड हिन्दू धार्मिक ग्रन्थों तथा मान्यताओं के अनुसार एक नरक कुण्ड है।

  • नरकों के नाना प्रकार के कुण्ड हैं। पापियों को दु:ख का भोग कराना ही इन कुण्डों का प्रयोजन है।
  • 'ब्रह्मवैवर्तपुराण' में नरक कुण्डों और उनमें जाने वाले पापियों तथा पापों का वर्णन किया गया है।[1]
नरक कुण्डों के नाम
वह्निकुण्ड तप्तकुण्ड क्षारकुण्ड
विट्कुण्ड मूत्रकुण्ड श्लेष्मकुण्ड
गरकुण्ड दूषिकाकुण्ड वसाकुण्ड
शुक्रकुण्ड असृक्कुण्ड अश्रुकुण्ड
गात्रमलकुण्ड कर्णविट्कुण्ड मज्जाकुण्ड
मांसकुण्ड नखकुण्ड लोमकुण्ड
केशकुण्ड अस्थिकुण्ड ताम्रकुण्ड
प्रतप्तलौहकुण्ड कण्टककुण्ड विषकुण्ड
घर्मकुण्ड तप्तसुराकुण्ड प्रतप्ततैलकुण्ड
दुर्वहदन्तकुण्ड कृमिकुण्ड पूयकुण्ड
सर्पकुण्ड मशकुण्ड दंशकुण्ड
गरलकुण्ड वज्रदंष्ट्रकुण्ड वृश्चिककुण्ड
शरकुण्ड शूलकुण्ड खड्गकुण्ड
गोलकुण्ड नक्रकुण्ड काककुण्ड
सञ्चालकुण्ड बाजकुण्ड वन्धकुण्ड
तप्तपाषाणकुण्ड पाषाणकुण्ड लालाकुण्ड
मसीकुण्ड चूर्णकुण्ड चक्रकुण्ड
वज्रकुण्ड कूर्मकुण्ड ज्वालाकुण्ड
भस्मकुण्ड पूतिकुण्ड तप्तसूर्मिकुण्ड
असिपत्रकुण्ड क्षुरधारकुण्ड सूचीमुखकुण्ड
गोधामुखकुण्ड नक्रमुखकुण्ड गजदंशकुण्ड
गोमुखकुण्ड कुम्भीपाक कालसूत्र
अवटोद अरुन्तुद पांशुभोज
पाशवेष्ट शूलप्रोत प्रकम्पन
उल्कामुख अन्धकूप वेधन
दण्डताडन जालबन्ध देहचूर्ण
दलन शोषणकरं सर्पमुख
ज्वालामुख जिम्भ धूमान्ध
नागवेष्टनकुण्ड


टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. ब्रह्म वैवर्त पुराण पृ. 269

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