अरुण

Disamb2.jpg अरुण एक बहुविकल्पी शब्द है अन्य अर्थों के लिए देखें:- अरुण (बहुविकल्पी)

अरुण हिन्दू मान्यताओं और पौराणिक महाकाव्य महाभारत के अनुसार कश्यप ऋषि और विनता के पुत्र थे, जो भगवान सूर्य के सारथी रहे थे।

  • अरुण देवता का विनता के पुत्र और गरुड़ के ज्येष्ठ भ्राता के रूप में उल्लेख हुआ है।
  • इनका उल्लेख पक्षियों के राजा के रूप में भी किया जाता है।
  • रामायण में प्रसिद्ध सम्पाती और जटायु इन्हीं के पुत्र थे।[1]


टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. महाभारत वन पर्व अध्याय 279 श्लोक 1-17

महाभारत शब्दकोश |लेखक: एस. पी. परमहंस |प्रकाशक: दिल्ली पुस्तक सदन, दिल्ली |संकलन: भारत डिस्कवरी पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 15 |

संबंधित लेख

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                                 अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र    अः